वाशिंगटन, एजेंसी
: विश्वास बहाली और पिछले छह दशकों से चले आ रहे नकारात्मक संबंधों को पीछे छोड़ने से ही भारत के साथ जम्मू-कश्मीर सहित तल्ख
मुद्दों का समाधान संभव है। यह दावा अमेरिका दौरे पर पहुंचीं पाकिस्तानी
विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने विदेश संबंध परिषद में अपने संबोधन के
दौरान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार को
सामान्य करने का प्रयास इसी दिशा में उठाया गया एक कदम
है। उन्होंने कहा, एक बात स्पष्ट है कि हम तब तक शांति
प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं, जब
तक हमारी सीमाएं शांत नहीं होती। अत: पड़ोसी के लिए सोच बदलने की जरूरत है। खासतौर से तब जब हमारे बीच खटास भरे रिश्ते हैं। बाद में एक सवाल के जवाब में खार ने बताया कि ओसामा बिन लादेन
के पाकिस्तान में होने के मामले की जांच कर रहे स्वतंत्र जांच आयोग की
रिपोर्ट अक्टूबर तक मिल जाएगी। एबटाबाद नामक इस आयोग का
गठन लादेन के पिछले वर्ष दो मई को एबटाबाद में अमेरिकी
सैनिकों द्वारा मार गिराए जाने के बाद किया गया था। अमेरिकी
खुफिया रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि इस संबंध में पाकिस्तानी सरकार या संबंधित प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि
लादेन को ढूंढ़ने में सीआइए की मदद करने वाले डॉक्टर शकील आफरीदी को
अमेरिका को हीरो की तरह प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
डॉक्टर शकील के कारण अब स्थिति यह है कि पाकिस्तान में बच्चों
के भविष्य और पोलियो के खिलाफ काम करने वालों को लोग सम्मान
नहीं देते। पोलियो के खिलाफ 20 साल से लड़ी जा रही लड़ाई में सिर्फ इस आदमी के कारण अब पाकिस्तान में पोलियो चिंता का कारण बनती
जा रही है। हमें उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करना चाहिए।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -7,23-9-2012
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