ठ्ठप्रणय उपाध्याय, नई दिल्ली इस हफ्ते के आखिर में भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की मुलाकात में सीमापार व्यापार के लिए सहूलियतों समेत विश्वास बहाली के नए उपायों पर मुहर लगनी है। साथ ही संकेत हैं कि दोनों मुल्कों के बीच चार माह से लंबित नए वीजा नियमों का समझौैता भी परवान चढ़ सकता है। हालांकि दोस्ती बढ़ाने वाले कदमों का भविष्य इससे तय होगा कि आतंकवाद को लेकर भारत की शिकायतों एवं सुबूतों पर पाकिस्तान कैसा रुख दिखाता है। सूत्रों के मुताबिक आतंकवाद भारत के लिए अहम मुद्दा है और दोनों मुल्कों के विदेश मंत्रियों के बीच 8 सितंबर को होने वाली बातचीत में यह प्रमुख विषय होगा। महत्वपूर्ण है कि कृष्णा के इस दौरे में भारतीय खेमा असम दंगों को लेकर पाकिस्तान से भेजे गए नफरत पैदा करने वाले एसएमएस व ई-मेल का मामला भी उठाने की तैयारी कर रहा है। भारतीय खेमा अबकी बार एकतरफा किसी विश्वास बहाली के नए उपाय की घोषणा के मूड में नहीं है। सूत्र कहते हैं कि गत वर्ष भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए बहुउद्देश्यीय मल्टीपल एंट्री यात्रा परमिट देने का एकतरफा फैसला लिया था। गत मई से तैयार पड़े वीजा समझौते में भी व्यापारियों एवं पर्यटकों को अधिक सहूलियतों के साथ वीजा देने की व्यवस्था है।
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