ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए उस पर ताबड़तोड़ प्रतिबंध लगा रहा अमेरिका अब भारत, तुर्की और चीन पर उससे तेल आयात न करने के लिए दबाव बना रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने यह बात अमेरिकी संसद की समिति के समक्ष मंगलवार को कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस संबंध में भारत, चीन और तुर्की से सीधी बात कर रहा है। साथ ही इन देशों से विशिष्ट उपाय करने के लिए कह रहा है, जिससे ईरानी तेल पर उनकी निर्भरता कम हो। भारत और चीन, ईरान से उसके कुल तेल निर्यात का क्रमश: 12 व 22 फीसदी भाग खरीदते हैं। यूरोपीय संघ और अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद ये दोनों देश ईरान से तेल का आयात कर रहे हैं। तुर्की ने भी कहा कि वह ईरान से तेल लेना बंद नहीं करेगा। दूसरी ओर अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने कहा है कि ईरान भले ही यूरेनियम संवर्द्धन कर रहा है, लेकिन उसने अभी तक परमाणु बम तैयार करने पर फैसला नहीं किया है। दूसरी ओर सीरिया में जारी विद्रोह के मुद्दे पर हिलेरी ने कहा कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद को वहां मारे जा रहे बेकसूर नागरिकों की संख्या को देखते हुए युद्ध अपराधी कहा जा सकता है। सीरियाई राष्ट्रपति को युद्ध अपराधी करार दिया अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सांसदों से कहा कि सीरियाई नेता बशर अल असद को वहां हर दिन मारे जा रहे बेकसूर नागरिकों की बड़ी संख्या को देखते हुए युद्ध अपराधी कहा जा सकता है। कांग्रेस में एक बहस के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में हिलेरी ने कहा, मुझे लगता है कि युद्ध अपराधी और मानवता के खिलाफ अपराध की परिभाषाओं के आधार पर इस बारे में विचार किया जाना चाहिए कि वह इस श्रेणी में रखे जाने के लायक हैं। सीनेटर लिंड्से ग्राहम ने पूछा था कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चाहिए कि वह असद को युद्ध अपराधी के तौर पर देखे। हिलेरी ने कहा, मेरे विचार से कुछ लोग इस बात को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन लंबे अनुभव के आधार पर मैं यह भी सोचती हूं कि इससे स्थिति और जटिल हो जाएगी क्योंकि यह नेताओं को पद से हटने के लिए समझाने के विकल्प ही सीमित कर देगा। विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका सीरिया में खूनखराबे के बिना बदलाव लाने की कोशिश में है। पाक में सहायता के गलत इस्तेमाल पर चिंता हिलेरी क्लिंटन और सांसदों ने अमेरिका से मिलने वाली सहायता राशि को पाकिस्तान द्वारा अन्य उद्देश्यों के लिए खर्च किए जाने पर चिंता जाहिर की है। सीनेटर जिम वेब ने हिलेरी से पूछा कि क्या अमेरिका पाकिस्तान को दी जा रही वित्तीय मदद के लिए कोई एहतियाती उपाय कर रहा है ताकि इस राशि का प्रयोग उनके परमाणु उद्देश्यों के लिए न हो सके। इस पर विदेश मंत्री ने कहा, हां, उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने अपनी सेना पर बीते कई वर्षो में बड़ी राशि खर्च की है। ओसामा की खबर देने वाले को बचाओ : सांसद अमेरिकी सांसद ने राष्ट्रपति बराक ओबामा से यह सुनिश्चित करने को कहा कि अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन की जानकारी देने वाले पाकिस्तानी डॉक्टर को सजा नहीं हो पाए। सांसद ने इसके लिए ओबामा से निजी तौर पर बीच बचाव करने का अनुरोध किया है। रिपब्लिकन सांसद डाना रोहराबेकर का यह बयान पाकिस्तानी मीडिया की उन रिपोर्टो के परिप्रेक्ष्य में आया है, जिनमें सरकार द्वारा डॉक्टर शकील अफरीदी के बैंक खाते, घर और अन्य संपत्तियों को सील किए जाने की बात कही गई है। अफरीदी पिछले वर्ष मई से ही जेल में है और उस पर देशद्रोह का मुकदमा चलाए जाने की आशंका है। रोहराबेकर ने कहा, ओसामा के बारे में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए को जानकारी देने वाले अफरीदी को उचित पहचान मिलनी चाहिए। उसके मामले को ओबामा को ऐसे ही नहीं छोड़ देना चाहिए। ओसामा के कारण न्यूयॉर्क में तीन हजार लोग मारे गए थे और उसके बाद पाकिस्तान सरकार ने उसे लंबे समय तक संरक्षण दिया। अब ओसामा के ठिकाने के बारे में जानकारी देने वाले को वह सजा देना चाहती है। हाल ही में रोहराबेकर ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में अफरीदी को कांग्रेसनल गोल्ड मेडल दिए जाने को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया था। 9/11 में मरने वालों के शवों के अवशेष कूड़े में फेंके अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 को हुए आतंकी हमले में मारे गए कुछ लोगों के अवशेष कूड़े में फेंक दिए गए थे। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने पहली बार यह रहस्योद्घाटन करते हुए एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट से अमेरिकी सेना के सबसे महत्वपूर्ण मुर्दाघर में वर्षों से चल रही गड़बड़ी उजागर हुई है। एक स्वतंत्र पैनल द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है,ये अवशेष पेंटागन पर हुए हमले और पेंसिलवेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हुए अपहृत विमान की चपेट में आए लोगों के थे। दोवर वायु सैनिक अड्डे स्थित मुर्दाघर की स्थिति की समीक्षा से मंगलवार को ये तथ्य सामने आए। इस मुर्दाघर पर इराक और अफगानिस्तान में मारे गए कुछ सैनिकों के अवशेषों के साथ लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। 9/11 से संबंधित अवशेष अमेरिकियों के लिए विशेष महत्व रखते हैं, इसलिए व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दोबारा ऐसी गलती न हो इसके लिए पेंटागन कदम उठा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह पता नहीं चल पाया है कि कितने पीडि़तों या अलकायदा के अपहर्ताओं के अवशेष इनमें थे।
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