Tuesday, February 14, 2012

पाकिस्तान को रोशन करेगा भारत


कुछ वर्ष पहले तक ऊर्जा मामले में पूरी तरह से संपन्न पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अब अपनी जरूरतों के लिए भारत का मुंह ताक रहा है। इधर, पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख निर्यातक के तौर पर उभर चुका भारत जितना चाहे उतना पेट्रोल और डीजल पाकिस्तान को देने को तैयार है। भारत ने पाकिस्तान को बिजली देने की भी इच्छा जताई है। इन मुद्दों पर अगले हफ्ते पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता होगी। वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा सोमवार 13 फरवरी से पाकिस्तान की यात्रा शुरू करेंगे। चार दिन की यात्रा के दौरान वह पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री मखदूम एम. अमीन फहीम से दो बार बातचीत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, अपने घर में बिजली की किल्लत होने के बावजूद भारत पाकिस्तान को 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करने का प्रस्ताव कर सकता है। इसके लिए अमृतसर में एक स्पेशल ग्रिड स्थापित करने को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत होगी। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते को दूसरे आयाम से देखना चाहिए। अपने देश में भले ही बिजली उत्पादन में हम पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं हों, लेकिन हम पाकिस्तान के लिए थोड़ी बिजली की व्यवस्था कर ही सकते हैं। दरअसल, पाकिस्तान में अधिकांश बिजली संयंत्र गैस आधारित हैं और हाल ही में वहां गैस की ्रकिल्लत हो गई है। इस वजह से लाहौर और कराची में भी घंटों बिजली गुल रहने लगी है। वाणिज्य मंत्रियों की बैठक में भारत से आयात होने वाले पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर भी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। भारत पहले ही कह चुका है कि पाकिस्तान जितना चाहे पेट्रोल, डीजल व अन्य पेट्रोलियम उत्पाद आयात कर सकता है। उम्मीद है कि इस हफ्ते पाकिस्तान सरकार आयातित सूची के मौजूदा तरीके में बदलाव करेगी। अब वह सिर्फ आयात नहीं होने वाले उत्पादों की सूची जारी करेगी। इससे पेट्रोलियम उत्पादों का आयात संभव हो सकेगा। भारत पंजाब में स्थापना के अंतिम चरण में पहुंच चुकी एचपीसीएल-मित्तल रिफाइनरी से पाकिस्तान को पेट्रो उत्पाद देने को तैयार है। अगर पाकिस्तान से मांग ज्यादा होती है, तो भारत भटिंडा रिफाइनरी से पाकिस्तान बॉर्डर तक पाइपलाइन भी बिछाने को तैयार है। भारत को तरजीही राष्ट्र कादर्जा खतरनाक : सईद इस्लामाबाद, एजेंसी : वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा की पाकिस्तान यात्रा से पहले जमात-उद-दावा (जेयूडी) के प्रमुख हाफिज सईद ने भारत को तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा देने का विरोध किया है। सईद का कहना है कि पाकिस्तान को एक बाजार में तब्दील करने की कोशिश की जा रही है। आखिर में पाकिस्तान का इस्तेमाल अफगानिस्तान को सामान भेजने के लिए किया जाएगा। वर्ष 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड सईद ने कहा कि यह केवल व्यापार का मामला नही है, बल्कि अफगानिस्तान तक भारतीय माल पहुंचाने के लिए पाकिस्तान को एक रास्ते के तौर पर इस्तेमाल करने का मामला है। यह पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा होगा।

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