| अमेरिकी विमान को उड़ाने की साजिश रचने के लिए जेल में बंद रह चुके ब्रिटेन के साजिद बदात ने न्यूयॉर्क की एक अदालत को बताया है कि ओसामा बिन लादेन ने उससे कहा था कि उड्डयन क्षेत्र में हमले कर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को धराशायी किया जा सकता है। साजिद बदात ने कहा कि उसकी साजिश जूते में छिपे विस्फोटक से सौ यात्रियों को उड़ा देने की थी। लेकिन उसने अंतिम क्षण में अपना इरादा बदल दिया था। साजिद का रिकॉर्डेड बयान न्यूयॉर्क की अदालत में सुनाया जा रहा था। इससे पहले अभियोग पक्ष को सहयोग करने के कारण बदात को मिली 13 साल की सजा पूरी होने से दो साल पहले ही रिहा कर दिया गया था। यह भी जानकारी मिल रही है कि साजिद बदात को कैसे इंग्लैंड के बाबर अहमद ने चरमपंथी हमले के लिए उकसाया। बाबर अहमद चरमपंथी गतिविधियों के आरोप में पिछले सात साल से भी अधिक समय से जेल में बंद है और प्रत्यर्पण का इंतजार कर रहा है। साजिद बदात का एक सप्ताह पहले ब्रिटेन में रिकॉर्ड किया गया यह बयान सोमवार को ब्रुकलिन की अदालत में सुनाया गया। 2010 में जेल से रिहा होने के बाद उसने अमेरिका जाने से मना कर दिया था। बदात को डर था कि अल कायदा के 9/11 के हमले के बाद जूते में रखे बम को बिस्फोट करने के मामले में अमेरिका में उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। बदात ने ओसामा बिन लादेन के काम करने के तरीके के बारे में बहुत ही दिलचस्प ब्योरा दिया है। ग्लोसेस्टर के ग्रामर स्कूल के छात्र रहे 33 वर्षीय बदात ने बताया कि उसने अफगानिस्तान के एक समूह से 1990 के दशक के अंतिम सालों में दो साल तक तनख्वाह ली थी। बदात ने विस्तार से बताया कि कैसे उसने लोगों को विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल करना सिखाया था। हालांकि उसने यह भी कहा कि उसे नहीं लगता है कि उसके किसी छात्र ने बम विस्फोट किया होगा। बदात ने कहा कि 9/11 के बाद अल कायदा के नेताओं ने उसे ‘बुलाकर हवाई जहाज में विस्फोट करने को कहा था।’ बदात के मुताबिक, लादेन के साथ आमने-सामने की मुलाकात में लादेन ने किए जाने वाले हमले को सही ठहराया था। अल-कायदा के नेता ने बदात से कहा, ‘अमेरिकी अर्थव्यवस्था एक जंजीर की तरह है। अगर तुम उस जंजीर का एक लिंक तोड़ देते हो तो पूरी अर्थव्यवस्था धराशायी हो जाएगी।’ अल-कायदा के उस नेता ने कहा, ‘9/11 के हमले के बाद हवाई जहाज पर कोई भी हमला उड्डयन उद्योग को नष्ट कर देगा और अमेरिका की पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी।’ बदात ने बताया कि उसे अंतिम आदेश खालिद शेख मोहम्मद द्वारा दिया गया। खालिद शेख मोहम्मद वही आदमी है जिसने 9/11 के हमले की जवाबदेही ली थी और जिसके उपर गुआंटानामो में सैन्य ट्रिब्यूनल में मुकदमा चला था। रिकार्डेड बयान में कोर्ट को बताया गया कि बदात ने खुद को बम विस्फोट में मारने के लिए तैयार कर लिया था लेकिन इंग्लैंड वापस लौटने के बाद उसने अपना इरादा बदल दिया |
Monday, April 30, 2012
अमेरिकी अर्थव्यवस्था धराशायी करना चाहता था ओसामा
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