संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र
: दोस्ती की राह चलते-चलते पाकिस्तान कश्मीर पर एक बार फिर
भारत से भिड़ गया है। जुबानी जंग तेज करते हुए संयुक्त राष्ट्र में उसने
यहां तक कह दिया कि जम्मू-कश्मीर कभी भारत का अभिन्न अंग रहा ही नहीं है।
इससे पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पिछले हफ्ते संयुक्त
राष्ट्र में ही कश्मीर राग बेवजह अलाप दिया। जिसका सोमवार को भारत ने
वहीं पर करार जवाब दिया। पलटवार करते हुए विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने जरदारी
की कश्मीर संबंधी टिप्पणी को गैरजरूरी करार दिया। विश्व समुदाय के समक्ष
उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा बना
रहेगा। कृष्णा ने पाकिस्तान के कथन को सिरे से खारिज कर दिया। दोनों
देशों के बीच ताजा जुबानी जंग पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र में जरदारी
के कश्मीर मुद्दा उठाने के साथ शुरू हुई। अपने संबोधन में पाकिस्तानी
राष्ट्रपति ने कहा था कि कश्मीर मसले का समाधान न निकलना संयुक्त
राष्ट्र की असफलता का प्रतीक है। कश्मीर के लोगों को संयुक्त राष्ट्र
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुसार जनमत संग्रह का अधिकार मिलना चाहिए।
सोमवार को जब भारत की बारी आई तो उसने जरदारी की टिप्पणी का कड़ा प्रतिवाद
किया। संयुक्त राष्ट्र आमसभा को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री कृष्णा
ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भारत की सुव्यवस्थित लोकतांत्रिक
व्यवस्था में बार-बार आस्था जताते हुए अपना भाग्य निर्धारण कर लिया
है। इस बारे में जरदारी का बयान गैरवाजिब है। कृष्णा के भाषण पर अपने जवाब
देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए पाकिस्तान ने भारत पर फिर हमला करने
की कोशिश की। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी प्रतिनिधि रजा बशीर तरार ने
बौखलाहट में यहां तक कह डाला कि जम्मू-कश्मीर कभी भारत का अभिन्न अंग रहा
ही नहीं है। जरदारी
से ऐसी उम्मीद नहीं थी मंगलवार को कृष्णा ने तरार के इस कथन को
पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि
पिछले वर्ष पाकिस्तान ने कश्मीर पर कोई भी भड़काऊ रवैया नहीं
अख्तियार किया। बकौल कृष्णा, पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार
ने संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि कश्मीर समेत अन्य द्विपक्षीय मुद्दों को
सुलझाने के लिए हम प्रयासरत हैं। कृष्णा के अनुसार, जब एक बार उच्च स्तर
पर यह पाकिस्तान ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया तो जरदारी से कश्मीर पर किसी
नई टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। अब जरदारी ने मुद्दा छेड़ दिया था तो भारत
के लिए अपना रुख स्पष्ट करना जरूरी हो गया था। उन्होंने साफ किया कि इस
घटनाक्रम के कारण द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पाकिस्तान से
हमारी बातचीत जारी रहेगी। मुंबई हमले का जिक्र छिड़ने पर कृष्णा ने कहा कि
इस पर हम धैर्य रखे हुए हैं। देखते हैं पाकिस्तान कब तक हमले की साजिश रचने
वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है।
Dainik Jagran National Edition 3-10-2012 Desh videsh Pej -7s
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