दिसंबर में हुए संसदीय चुनाव में धांधली के आरोपों के चलते जनाक्रोश का सामना करने वाले रूस के प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन ने 64 फीसदी मतों के साथ राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में जीत हासिल कर ली है। उनकी इस जीत में ग्रामीण मतदाताओं की अहम भूमिका रही। वह इससे पहले भी दो कार्यकालों के लिए देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं। रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन को 63.68 प्रतिशत मत मिले, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी कम्युनिस्ट पार्टी के जेनेडी जुगानोव को करीब 17 फीसदी वोट मिले हैं। अरबपति उद्योगपति और निर्दलीय प्रत्याशी मिखाइल प्राखोरोव को करीब आठ फीसदी, अल्ट्रा नेशलिस्ट पार्टी के ब्लादिमीर झिरिनोवस्की को करीब छह फीसद वोट मिले हैं। चुनाव से पहले ही पुतिन का राष्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा था। हालांकि उन्हें इस चुनाव में वर्ष 2004 की तुलना में सात प्रतिशत कम मत मिले। जीत के बाद मॉस्को में एक रैली में अपने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए उनकी आंखें भर आई। उन्होंने नम आंखों के साथ कहा, हम जीत गए, हमने खुली और निष्पक्ष लड़ाई में जीत हासिल की है। यह केवल राष्ट्रपति पद के लिए होने वाला चुनाव नहीं था। यह हम सभी के लिए कड़ी परीक्षा थी। यह हमारी राजनीतिक परिपक्वता और स्वतंत्रता की जांच के लिए ली गई परीक्षा थी। जिस समय वह रैली को संबोधित कर रहे थे उस समय निवर्तमान राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव उनके बगल में ही खड़े थे। दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने पुतिन समर्थकों पर चुनाव में व्यापक धांधली का आरोप लगाया है। मतदान पर नजर रखने वाली एक स्वतंत्र संस्था गोलोज ने कहा कि सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में कई बार वोट डालने के लिए लोगों को बसों में भरकर लाए जाने की शिकायत मिली है। 2000 से 2008 तक दो बार राष्ट्रपति रह चुकेरूस की खुफिया एजेंसी केजीबी के पूर्व जासूस 59 वर्षीय पुतिन ने एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत बना रखी है। दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति चुनाव में तीन अंतरिक्षयात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अपने वोट डाले। अंतरिक्ष मिशन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अंतरिक्ष यात्री अंतोन शकपलेरोव, अंतोली इवानिशिन और ओलेग कोनोनेंको ने भी वोट डाला। रूस के चुनाव परिणामों से सीरिया बाग-बाग ब्लादीमिर पुतिन के तीसरी बार रूस के राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर पश्चिम जगत के प्रमुख देशों ने दबी जुबान में प्रतिक्रिया दी है। दूसरी ओर सीरिया सहित एशियाई देशों ने पुतिन को खुलकर मुबारकबाद दी है। यूरोपीय संघ की प्रमुख राजनयिक कैथरीन एश्टन ने कहा कि उनके संगठन ने रूस में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे को संज्ञान में लिया है। अशांति से घिरे सीरिया ने पुतिन की जीत को उल्लेखनीय करार देते हुए रूस का इस बात के लिए आभार जताया कि उसने बशर अल असद प्रशासन को लेकर सख्त रवैया नहीं दिखाया। सीरियाई राष्ट्रपति असद ने टेलीग्राम भेजकर पुतिन को राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर बधाई दी। यह पूछे जाने पर यूरोपीय संघ पुतिन को बधाई देगा तो इसके एक प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव के नतीजे को लेकर पूरी रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है और इसके बाद कोई फैसला होगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के प्रवक्ता ने कहा कि कैमरन पुतिन को फोन करेंगे, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि ब्रिटिश सरकार रूस के इस ताकतवर नेता को बधाई देगी अथवा नहीं। जर्मनी के विदेश मंत्री गुइडो वेस्टरवेल ने कहा कि उनकी सरकार पुतिन के साथ रचनात्मक और विश्वसनीय सहयोग करना चाहती है। जापान और रूस के बीच कुछ द्वीपों पर संप्रभुता को लेकर विवाद चल रहा है। जापानी प्रधानमंत्री योशिहिको नोदा ने पुतिन को फोन किया और उमीद जताई कि विवाद का उचित समाधान निकाला जाएगा। दूसरी ओर चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने पुतिन को मुबारकबाद दी है। चीन और रूस ने सीरिया के खिलाफ सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को वीटो कर दिया था।
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